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मिशन गगनयान के तहत सरकार की योजना हे की 2022 से पहले भारत की धरती से कोई भारतीय अंतरिक्ष की यात्रा करे| सरकार ने अपना वादे के मुताबिक इसरो को 10,000 करोड़ का फंड देने की घोषणा पूरी कर दी है, आज हम आपको इस बारे में आपको जानकारी देंगे 
 space mission Gaganyaan
Mission Gaganyaan ISRO




  •  इससे पहले देश के कई यात्रि दूसरे देशो के प्रोग्राम में जा चुके हे जिनमे पहला नाम राकेश शर्मा का हे, जिन्होंने उस समय  सोविएत यूनियन के soyuz T 2  मिशन के द्वारा 1984 में अंतरिक्ष में कदम रखा था| लेकिन यही मिशन पूरी तरहे से देश की धरती  आयोजित किया जाएगा|



  •  यूनियन कैबिनेट जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हे, जिसने 28 दिसंबर 2018 को देश के पहले मानव मिशन है के लिए मंजूरी दे दी  गयी है| इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के दिन लालकिले की प्राचीर से इस मिशन की घोषणा की थी, जिसका अब क्रियान्वन भी हो गया है| जो की हम देशवासीओ के लिए गर्वे करने योग्य है| 



  •  इसरो (Indian Space Research Organisation) इस मिशन में अपना सबसे भारी भरकम और सबसे एडवांस  GLSV Mk-3 राकेट का उपयोग करेगी जिसमे ३-मेंबर होंगे जो की  7 दिन तक अंतरिक्ष में रहेगा| यानी की हमारे देश की धरती से तीन व्योमेनॉट्स ( जैसे अमेरिका के अंतरिक्ष यात्रिओ को एस्ट्रोनॉट कहा जाता हे) धरती से लगभग 350 से 400 किलोमीटर तक ऊपर जायेंगे| 



  •  सबसे पहले सरकार ने 2008 के समय इस मामले पर विचार शुरू किया लेकिन उस समय आयी इकोनोमिकल सालोडाउन और इसरो के पास मजबूत राकेट ने होने की वजहें से योजना आगे नहीं बढ़ सकी| उस समय CNN न्यूज़ में एक आर्टिकल भी लिखा गया था जिसमे कहा गया की भारत 2016 को अंतरिक्ष मानव मिशन भेजेगा| 



  •  2014 में इसरो ने crew Module Atmospheric Re-entry टेक्नोलॉजी का भी परिक्षण कर लिया था उस वक्त कैप्सूल जिसमे क्रू मेंबर बैठत हे का वजन 3,745 किलोग्राम था जो की बहुत भरी था| इस मिशन के क्रू मेंबर लिए स्पेस सूट विक्रम साराभाई स्पेस सेण्टर तिरुवनंतपुरम ने डिज़ाइन और डेवेलप किया है| 



  •  इस मिशन से पहले इसरो इसका कई चरण पर परीक्षण करेगा, जिसमे पहला मानवरहित फ्लाइट टेस्ट दिसंबर 2020 में आयोजित किया जायेगा जिसका दूसरा परीक्षण जुलाई 2021 में किया जायगा और अंत मे दिसंबर 2021 में पहला मानव अंतरिक्ष मिशन को शुरू किया जाएगा|   



  •  इस मिशन का सबसे बड़ा फायदा ये हे की इससे भारत की वेस्टर्न कंट्री पर भारत की धाक बंधेगी इसके साथ  दक्षिण एशिया में एक मजबूत लीडर बनकर उभरेगा और दुनिया भर में भारत के लिए और अधिक सम्मान बढ़ जाएगा|


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